फ्लिपकार्ट, ब्लिंकिट, बिग बास्केट, रिलायंस के पटना वाले वेयरहाउस में कई गड़बड़ियां, करोड़ों की बिक्री पर रोक
खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में बड़े रिटेल नेटवर्क के वेयरहाउस में मिलीं खामियां, एक्सपायरी दूध से लेकर गंदे स्टोरेज और बैच नंबर में अंतर तक के मामले आए सामने.
पटना में ऑनलाइन ग्रॉसरी और क्विक कॉमर्स के जरिये घर बैठे राशन मंगवाना सेफ है या नहीं यह सवाल उठ खड़ा हुआ है. राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार ब्लिंकिट, फ्लिपकार्ट, बिग बास्केट और रिलायंस रिटेल से जुड़े वेयरहाउसों में छापेमारी की, हर वेयरहाउस में अलग-अलग तरह की खामियां सामने आई हैं. कहीं एक्सपायरी दूध मिला, कहीं खाद्य पदार्थों के भंडारण में स्वच्छता संबंधी कमियां थीं, तो कहीं चाय के पैकेटों और कार्टन पर अंकित बैच नंबर में अंतर पाया गया.
ब्लिंकिट के 2.13 करोड़ रुपये से अधिक के खाद्य सामग्रियों की बिक्री पर रोक
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा गुरुवार को की छापेमारी में ब्लिंकिट के वेयरहाउस और कई अन्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में बड़ी अनियमितताएं मिलीं. ब्लिंकिट के एक वेयरहाउस में 25 टन खाद्य सामग्री के वितरण पर रोक लगाई गई. इसकी अनुमानित कीमत 2.13 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है. एक्सपायरी और क्षतिग्रस्त उत्पादों को मौके पर ही नष्ट कराया गया.
ब्लिंकिट के एक इंडस्ट्री स्टोर में 49.5 लीटर एक्सपायरी अमूल दूध मिला. इसके अलावा चावल, घी, सूजी, मिक्स अचार, ग्लूकोन-डी और चीनी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गये. निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन और परिसर की स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठे.
फ्लिपकार्ट के वेयरहाउस में बैच नंबर का अंतर
शुक्रवार को बिहटा स्थित फ्लिपकार्ट वेयरहाउस के निरीक्षण में टाटा टी गोल्ड के 500 ग्राम वाले पैकेटों पर अंकित बैच नंबर और उनके कार्टन पर लिखे बैच नंबर में अंतर पाया गया. विभाग ने ऐसे 293 पैकेटों की बिक्री पर रोक लगा दी है. इनकी अनुमानित कीमत 84,970 रुपये बताई गई है. चायपत्ती का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया.
निरीक्षण के दौरान निर्धारित और उपयुक्त भंडारण व्यवस्था के अभाव में केक-पेस्ट्री, आटा, कुकीज, कॉफी, चिप्स और अन्य खाद्य सामग्री भी मिली. इनकी अनुमानित कीमत 48,210 रुपये बताई गई है. विभागीय विवरण के अनुसार, इन उत्पादों के विनष्टीकरण के लिए अधिकृत कंपनी को सौंपा गया. इसके अतिरिक्त 550 गंदे और क्षतिग्रस्त टोट बॉक्स के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई, जिनकी अनुमानित कीमत 2,67,500 रुपये है.
रिलायंस रिटेल और बिग बास्केट के प्रतिष्ठानों में भी मिलीं खामियां
खाद्य संरक्षा विभाग को पटना के मौजा जेठूली और दीदारगंज स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड के दो प्रतिष्ठानों में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों से संबंधित कमियां मिलीं. जेठूली स्थित वेयरहाउस के कोल्ड स्टोरेज में खाद्य पदार्थ खुले स्थान पर रखे पाए गये. फर्श पर गंदगी और स्टोर में कबूतर की मौजूदगी भी मिली. विभाग ने मलाई पनीर का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा.
दीदारगंज स्थित प्रतिष्ठान में खाद्य और अखाद्य सामग्री एक साथ रखी मिली. खाद्य पदार्थों के भंडारण के लिए स्वच्छ वातावरण का भी अभाव था. यहां हल्दी पाउडर और तीखी मिर्च पाउडर के नमूने लिए गए.
वहीं, पटना के मंहगूपुर चिरौरा स्थित बिग बास्केट वेयरहाउस के निरीक्षण में वेगन टोफू गोल्ड, बारबेक्यू सॉस और जीरा पाउडर के नमूने जांच के लिए भेजे गए. विभाग को वहां कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं मिले. जल निकासी की समुचित व्यवस्था का भी अभाव पाया गया.
रिलायंस रिटेल और बिग बास्केट के संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया है. विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार, निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निलंबित करने और नियमानुसार रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है.
उपभोक्ता के भरोसे की जवाबदेही किसकी?
ऑनलाइन ग्रॉसरी के विस्तार ने उपभोक्ताओं के लिए राशन और रोजमर्रा की खाद्य सामग्री घर मंगाना आसान बनाया है. लेकिन इस व्यवस्था में उत्पाद के निर्माण से लेकर गोदाम, स्टोर और अंतिम डिलीवरी तक कई स्तर शामिल होते हैं. ऐसे में भंडारण, एक्सपायरी की निगरानी, उत्पाद की पहचान और स्वच्छता के मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है.
पटना में विभिन्न प्रतिष्ठानों पर मिली खामियां यह सवाल उठाती हैं कि कंपनियों की आंतरिक गुणवत्ता जांच और सरकारी निगरानी कितनी नियमित है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार के निर्देश दिए हैं, लेकिन इन मामलों की पूरी तस्वीर प्रयोगशाला जांच, अनुपालन रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी.